श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका बरसाती मौसम में 22 लाख का पानी निकालेगी,पालिका प्रशासन का गजब का खेल पढ़े पूरी खबर ,टेंडर पुराण सीरीज द्वितीय

May 18, 2026 - 07:01
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श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका बरसाती मौसम में 22 लाख का पानी निकालेगी,पालिका प्रशासन का गजब का खेल पढ़े पूरी खबर ,टेंडर पुराण सीरीज द्वितीय

न्यूज 7 नेटवर्क श्रीडूंगरगढ़। टेंडर पुराण सीरीज द्वितीय 

श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका की कार्यशैली पर लगातार सवालिया निशान लग रहे है और हम आपको अपनी एक खास  सीरीज टेंडर पुराण के जरिए इनके कारनामे बता रहे है कि कैसे आम नागरिक टैक्स एवं सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। टेंडर पुराण के भाग दूसरे में आज हम बात करेंगे बरसाती सीजन के लिए किए टेंडर की यह पूरा टेंडर 22.50 लाख का हुआ है। जी हां आप सही पढ़ रहे है,श्रीडूंगरगढ़ में बरसाती सीजन में शहर को सुखा रखने के लिए 22.50 लाख टेंडर हुआ है। अगर इस टेंडर की डिटेल बात करे तो गंदा पानी उठाने के लिए 5000 लीटर हजार क्षमता के टैंकर के लिए 9.50 लाख 

बरसाती पानी एवं गंदे पानी की निकासी हेतु पंप रिपेयरिंग कार्य के लिए 4.50 लाख और बरसाती पानी एवं गंदे पानी की निकासी हेतु विभिन्न केवी के जनरेटर किराए पर सप्लाई कार्य 8.50 लाख का टेंडर हुआ है।सवाल यह है  क्या बरसाती मौसम में श्रीडूंगरगढ़ में इतना जलभराव होता हैं कि 22.50 लाख की राशि खर्च होगी। अरे भाई कोनसे इंजीनियर और अकाउंटेंट लगा रखे आप लोगों ने नगरपालिका में जो इतना खर्च करोगे। क्यो सरकारी धन का दुरुपयोग करके अपनी जेबे भर रहे हो और जनता की आंखों में धूल झोंक रहे हो। यह पब्लिक सब जानती है और समय आने पर सबका हिसाब भी होता है। आप एक तरफ तो करोड़ो रूपये खर्च करके बरसाती पानी निकासी के लिए नाले डाल रहे हो,सीवरेज डाल रहे हो और फिर 22.50 लाख का टेंडर बरसाती पानी एवं गंदे पानी की निकासी का निकाल रहे हो। हद कर रखी है नगरपालिका ने जनता को बेवकूफ बनाने और राज के चहेते ठेकेदारों की जेबे भरने की । जब आपको गंदे व बरसाती पानी की निकासी का इतना बड़ा टेंडर ही निकालना है तो फिर पानी निकासी के नाले डालने के लिए करोड़ो क्यो ख़र्च कर रहे हो। हैरानी वाली बात तो यह है कि पंप रिपेयरिंग और जनरेटर किराए के 13 लाख रुपये खर्च करेंगे। इतने रुपये में तो जनरेटर और पंप नए आ जाएंगे। 

अगर बात करे बरसाती मौसम की तो मुश्किल से दो या तीन बार जलभराव की स्थिति बनती है वो भी शहर के एक दो मोहल्लों के केवल दो-तीन चिन्हित स्थानों पर। केवल उसके लिए *22.50 लाख टेंडर होना गजब की बात है

इस कार्य के जानकार लोगों के हिसाब से मुश्किल से इस कार्य के लिए 5 लाख रुपये से अधिक खर्च नही होगा। लेकिन नगरपालिका पता नही कोंनसे हिसाब 22.50 लाख रुपये खर्च करेगी। शहर का पानी निकले या न निकले  जनता और सरकारी धन का पानी जरूर निकल जाएगा

बाकी शहर के नागरिको आप सब जागरूक हो,इस बारे में जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों से सवाल जरूर करे,जो भ्रष्टाचार को जड़ से खत्म करने की बाते कर रहे है उन्होंने आंखें बंद कर ली है या सेटिंग का कोई नया खेल शुरू कर दिया है सवाल तो खड़े होंगे क्योंकि हर बार पिछली सरकारों को दोषी नहीं ठहरा सकते नई सरकार के कार्यकाल को ढाई साल हो चुके हैं और अब आपका राज चल रहा है उनका नहीं । शहर का भला हो या न हो चहेता ठेकेदार तो कमाऊ पुत बनकर माल बना ही लेगा 

जल्दी ही फिर किसी एक नए मुद्दे को लेकर हाजिर होंगे

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